सोमवार, 28 अक्टूबर 2013

मुश्किल बहुत इ  समय हो गईल बा
आदमी अपना कद से बड़हन हो गइल बा

खेत ना खलिहान से
घर ना मकान से
आदमी क पहिचान होला
ओकरे जुबान से 



बिहार में मोदी जी के भासन रहे। उहवाँ के भोजपुरी में बोल के भोजपुरिआ समाज के मन जीत लेहनी।  भासा के ले के एगो नया बहस छिड़ गईल बा। हर भासा के अपने मिठास होला।  आ जब केहु बाहरी  आदमी आपन भासा बोलेला ता अउरी  निम्मन लागेला। जब नेता लोग अइसे क्षेत्रीय भासा के महत्व दी ता भासा के प्रति सम्मान भाव जागी। लोग अउरी गहरा जुड़ाव से जुडी अपना भासा से।   बुझा ता जे भोजपुरिआ  लोगन क सपने जल्दिये पूरा हो जाई।